सड़के तक महफूज़ नहीं इन अमीर शहरों की यारो,
यहाँ सोना तक मंजूर नहीं इन अमीर लोगों को यारो,
यह सौ फुट की सड़के तुम्हारी पर छः फुट का फूटपाथ तो दो,
पर यह छः फुट का फुटपाथ तक मंजूर नहीं इन बिगड़ैल औलादों को यारो।
--सीरवी प्रकाश पंवार
गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
फुटपाथ
बुधवार, 19 अप्रैल 2017
ख़त तिरंगे का..
पन्नें जब पलटे ख़त के तो एक लफ़्ज ना रहा रूह में,
मासूम जब होठों को ताक रहा तो एक आंसू ना रहा आँखों में,
कल जब तिरंगा ही घर आ जाएंगा तो क्या जवाब दूँ मै नन्ही पलकों को,
गले लगाने का जब मन कर रहा तो हलचल ना रही धड़कनों में।
-सीरवी प्रकाश पंवार
मंगलवार, 18 अप्रैल 2017
रूठ जाता हूँ अक़्सर...
रूठ जाता हूँ अक़्सर खुद को अकेले देख कर,
कोई दूर कर रहा मुझे अपना समज कर,
अँधेरे से डर लगता था पर अब आदत हो गयी जीने की,
मगर कोई रौशनी डाल रहा अंधेरो में अकेला समझ कर।
--सीरवी प्रकाश पंवार
सोमवार, 17 अप्रैल 2017
इक वज़ह
कोई रूठा हैं अपना, रुठने की इक वज़ह तो पूछु,
कोई हारा हैं अपना, हारने की इक वज़ह तो पूछु,
कम्बख़्त क़िस्मत में वज़ह बनना, हारने की ही लिखी,
पर उसका मेरे से जीतना, जीतने की इक वज़ह तो पूछु।
--सीरवी प्रकाश पंवार
रविवार, 16 अप्रैल 2017
माँ..
कोई जब रूह गढ़ता हूँ तो वो शब्द बन जाता हैं,
कोई जब शब्द गढ़ता हूँ तो वो आवाज़ बन जाता हैं,
मै क्या दर्द लिखु इश्क़ और इश्क़ बाज का,
जब मै रूप गढ़ता हूँ तो वो "माँ" बन जाता हैं।
--सीरवी प्रकाश पंवार
शनिवार, 15 अप्रैल 2017
सरफिरे
मै सरफिरा हूँ वतन का तुम तिरंगें की बात मत करना,
मै जला हूँ हर चोराहे पर तुम बुझाने की बात मत करना,
जो कल वोट माँगा करते थे आज सबूत मांग रहे हैं,
बलिदान तो हम देंगे ही तुम सम्मान की बात मत करना।
--सीरवी प्रकाश पंवार
शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017
कोई कह गया ...
कोई छोड़ गया कि बस अकेले रहना तुम,
क्या जीना लिखा था मेरे जीने या न जीने से,
पहले भी सुनी जग की अब और सुनते रहना तुम।
--सीरवी प्रकाश पंवार
गुरुवार, 13 अप्रैल 2017
जनाज़ा
तन्हाई के दिन ही सही मगर तुम मिलो तो कही,
झूठी बात ही सही मगर कोई करे तो कही,
जनाज़े की बात करते हो इस जमाने में,
कोई इश्क बाज माँ सही जनाज़ा निकले तो सही।
--सीरवी प्रकाश पंवार
बुधवार, 12 अप्रैल 2017
उगता हुआ सूरज....
उगता हुआ सूरज हूँ मुझे लक्ष्य मत बना लेना,
दो-चार शब्द लिखता हूँ मुझे बड़ा मत बना लेना,
बड़ी प्यास लगी हैं शब्दों की तेरी हरकतों से,
दोस्त हूँ मै तेरा मुझे अपना दुश्मन मत बना लेना।
--सीरवी प्रकाश पंवार
